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FAQs

RBI has permitted HFCs to grant a moratorium up to three months on payment of instalments falling due between March 1, 2020 and May 31, 2020. However, interest will continue to accrue for this period and will be added back to the outstanding principal.

No, this is not a waiver of EMI. This is only a ‘deferment’ in the EMI.

SHUBHAM will present the ECS/NACH/PDC as usual for payment on the due date unless the borrower specifically makes a request for granting the moratorium to the satisfaction of SHUBHAM that his/her income / cash-flows have been impacted because of the lockdown.

The EMI cannot be refunded once paid.

The Customer needs to call our customer care toll free number ( 1800 258 2225) or mail us at our customer care id ( customercare@shubham.co ) if he/she wants to avail this benefit.

No, it is not mandatory. Only customers who apply for the moratorium will be eligible to receive subject to Shubham’s terms & conditions.

Yes, interest will continue to accrue during the moratorium period, if availed by customer. The same will be added back to the outstanding principal and will be required to be paid as per the revised repayment schedule.

No, it is not beneficial as this is just a deferment of EMI and NOT waiver. SHUBHAM feels that customer should endeavor to pay the EMIs on due dates as usual unless his / her cash flow has been severely impacted and he/she is not in a position to pay.

Moratorium of three months on payment of instalments falling due between March 1, 2020 and May 31, 2020 will be offered and no instalment demand will be raised to the loan account of the borrower during this period. However, the interest shall continue to accrue on the loan for this period. The interest so accrued will be added back to the outstanding loan amount and the repayment schedule will be accordingly revised with increase in tenure/EMI.

Interest shall continue to accrue on the outstanding portion of the loan during the moratorium period and will be added in the loan amount outstanding which might result in increase in tenure or EMI.

No, there will be no impact on your current credit rating.

Since the relief is available only for instalments due between 1st March 2020 to 31st May 2020, the instalments/other amount overdue on or before 1st March 2020 in any of the loan account is payable as before at the earliest in order to avoid penal charges, down-gradation of account and slippage in your credit rating. It is advised that customer should immediately make payment of any such overdue instalments and our teams will continue to remind you and facilitate for payments even during the lockdown period.

Hindi

FAQs

भारतीय रिज़र्व बैंक ने हाउसिंग फाइनेंस कम्पनीयों को 1 मार्च 2020 और 31 मई 2020 के बीच ग्राहकों द्वारा किस्तों के भुगतान पर तीन महीने की मोहलत देने की अनुमति दी है। हालांकि, यह सिर्फ अवधि मोहलत है और छूट नहीं अतः इस अवधि में न दी जाने वाली किश्त राशि (मूलधन एवं ब्याज) पर ब्याज जुड़ना जारी रहेगा और बकाया मूलधन में वापस जोड़ा जाएगा।

नहीं, यह ईएमआई की छूट नहीं है। यह ईएमआई में सिर्फ एक ‘मोहलत’ है।

जब तक कोई ग्राहक विशेष रूप से शुभम से EMI स्थगित करने के लिए अनुरोध नहीं करते हैं, तब तक शुभम ECS/NACH/PDC को उसी प्रकार भुगतान के लिए प्रस्तुत करेगा जैसा की लॉकडाउन के पहले किया जाता रहा है।

एक बार भुगतान करने के बाद EMI वापस नहीं की जा सकती।

ग्राहक को शुभम के टोल फ्री नंबर 1800 258 2225 पर कॉल कर के अपना अनुरोध दर्ज कराना होगा | ग्राहक शुभम के ईमेल customercare@shubham.co पर ईमेल कर के भी अपना अनुरोध दर्ज करा सकते हैं।

नहीं, यह अनिवार्य नहीं है। केवल ग्राहक जो अधिस्थगन के लिए आवेदन करते हैं, वे शुभम के नियमों और शर्तों के तहत इस सुविधा के पात्र होंगे।

हां, ग्राहक द्वारा लाभ उठाने पर, अधिस्थगन अवधि के दौरान ब्याज जुड़ना करना जारी रहेगा। उस ब्याज को वापस आपके मूलधन में जोड़ा जाएगा और पुन: निर्धारित भुगतान सूची के अनुसार आपको भुगतान करना होगा।

शुभम का सभी ग्राहकों को यही सुझाव है की ग्राहक को तय समय पर ही ईएमआई का भुगतान करने का प्रयास करना चाहिए जब तक उनकी आय प्रवाह बुरी तरह प्रभावित नहीं हुई हो और वह भुगतान करने की स्थिति में न हो। सामान्य परिस्थितियों में यह अधिस्थगन फायदेमंद नहीं है क्योंकि यह सिर्फ ईएमआई देने की मोहलत है और EMI की छूट नहीं है।

1 मार्च 2020 और 31 मई 2020 के बीच किश्तों के भुगतान पर तीन महीने का अधिस्थगन प्रस्ताव दिया जाएगा और इस अवधि के दौरान उधारकर्ता के ऋण खाते में कोई किस्त की मांग नहीं की जाएगी। परन्तु, इस अवधि के लिए ब्याज ऋण पर जारी रहेगा। जो ब्याज अर्जित किया जायेगा, वह बकाया मूल राशि में वापस जोड़ दिया जाएगा और बाक़ी बची EMI वृद्धि के साथ संशोधित की जाएगी ।

ब्याज ऋण की बकाया राशि पर अधिस्थगन अवधि के दौरान अर्जित करना जारी रहेगा और बकाया ऋण राशि में जोड़ा जाएगा, जिसके कारण उधार की अवधि में वृद्धि, या EMI में वृद्धि, या दोनों हो सकते हैं।

नहीं, आपकी वर्तमान क्रेडिट रेटिंग पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

राहत की अवधि केवल 1 मार्च 2020 से 31 मई 2020 के बीच किस्तों के लिए उपलब्ध है, इसलिए किसी भी ऋण खाते में 1 मार्च 2020 को या उससे पहले की किश्तों/ अन्य राशि अगर अतिदेय है, उन सभी ग्राहकों को अति शीघ्र उसे भरना होगा ताकि वह दंडात्मक शुल्क से बच सकें और आप पर खाता डाउनग्रेड, या क्रेडिट रेटिंग में कमी जैसी प्रक्रिया न हो। शुभम में हम आपसे निवेदन करते हैं कि इस तरह की अतिदेय किस्तों का भुगतान तुरंत करना ज़रूरी हैं और हमारी टीम आपको याद दिलाना जारी रखेंगी और लॉकडाउन अवधि के दौरान भी भुगतान की सुविधा प्रदान करेंगी।